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परिचय


परिचय
ॐ गं गणपतये नमः

ज्योतिष विषय मेरे लिए एक अनुसन्धान व प्रेरणा है जिसके माध्यम से में व्यर्थ के अंधविश्वास व टोटको व दोषों के विषय में फैली भ्रान्तिया दूर कर सकूँ | बचपन से ही मुझे भविष्य में क्या होगा यह जानने की इच्छा रहती थी | काल्पनिकता मेरे मन में बहुत थी साथ ही मन बड़ा चंचल था | आज मैं यह जानता हूँ कि कर्क लग्न वाले जातक ऐसे ही होते हैं | आपके समक्ष मैं स्वयं ही अपना परिचय लिख रहा हूँ |
मेरा नाम पंडित आकाश लाखोले हैं| आज से पन्द्रह वर्ष पहले जब मैं बी. इ. का छात्र था तब मैंने यह कभी भी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन प्रोफेशनल ज्योतिष बनूँगा  परन्तु नियति तो अपना कार्य करके ही रहती हैं | जब बी. इ चल रही थी तब पिताजी ने कम्प्युटर लेकर दिया जिसमे कुंडली निर्माण करने के सॉफ्टवेर थे | बस यहीं से मेरी ज्योतिष बनने कि प्रक्रिया शुरू हो गयी | फिर ज्योतिष कि किताबें पढना शुरू किया | कल्पना शक्ति के साथ साथ टेक्निकल दिमाग भी काम करने लगा व ज्योतिष में ग्रह व भावों के रहस्य खुलते गए | मैं तो आज भी ज्योतिष विषय का छात्र हूँ |  ज्योतिष का कार्य करते हुए मुझे आज दस वर्ष से भी अधिक समय हो गया है | इन वर्षों मैं मैंने कई विषयों पर
भविष्यवाणिया कि है व अनेकों लेख लिखे हैं | संतान , विवाह , प्रेम विवाह , क्रिकेट मैच ,  मकान कब होगा , वाहन योग , शुभ मुहूर्त  ज्योतिष द्वारा करियर चयन करना , पितृ दोष व कालसर्प दोष पर अनुसन्धान ,घटना किस समय पर होगी  , कोर्ट केस , प्रकरण , इंटरव्यू में सफलता , प्रोमोशन  पदोन्नति , स्थान्नान्तरण एवं अन्य कई विषयों पर फलकथन किये हैं | ज्योतिष मैं बृहत् पराशर होरा शास्त्र अपने मैं एक संपूर्ण ग्रन्थ है | साथ ही दक्षिण भारत कि कृष्णमूर्ति पध्धति भी बहुत सटीक है | पिछले पांच वर्षों से मैं इसी विधा से फलकथन कर रहा हूँ | इसमें प्रश्न शास्त्र द्वारा बताये गए फलकथन बहुत ही
सटीक होते हैं व अक्सर सही जाते हैं | दान , पूजा पाठ व छोटे मोटे टोटको द्वारा किये गए उपाय भी उपयोगी साबित होते हैं | उपाय कि कार्यप्रणाली यह है कि जिस प्रकार हमें अगर सरदर्द हो तो हम दवा लेते हैं , उसी प्रकार कष्टप्रद समय में ग्रहों के उपाय भी दवा जैसा काम करते हैं | यह निश्चित करना पड़ता है कि जातक को कोनसे उपाय से सर्वाधिक लाभ मिलेगा |  
ज्योतिष विषय पर मेरे विचार कई विद्वानों से भिन्नता रखते है | जैसा कि हम सब जानते हैं कि संसार में कोई जातक या व्यक्ति का जीवन एक सामान नहीं हो सकता है | ठीक उसी प्रकार हर व्यक्ति कि जन्म कुंडली में बैठे ग्रह एक सामान फल नहीं दे सकते | इस संसार में ६ अरब से अधिक लोग रहते है | इतनी बड़ी संख्या में लोगों का बारह राशियों व ९ नंबरों में विभाजित करना लोजिकल नहीं है | हाँ यह एक आधार हो सकता है जिसके द्वारा हम लोगों के विषय में कुछ जान सकें परन्तु सटीक फलकथन हेतु यह कुछ भी नहीं है | जो व्यक्ति वैज्ञानिक तरीके से ज्योतिष करते हैं वे मेरे इस मत का समर्थन करते है | जिस प्रकार प्रकृति का नियम बदलाव है उसी प्रकार समय के साथ हर शास्त्र में रिसर्च व ज्ञान द्वारा बदलाव आता है , हमारा प्रयास आगे बढ़ना है न कि किसी विषय पर अड़े रहकर उसका विकास रोकना | ज्योतिष शास्त्र भी इस रुदीवाद का शिकार  हुआ व पुराने नियमों कि वजह से विकसित नहीं हो सका | जैसा कि ज्योतिष शास्त्र में एक नियम है कि केन्द्र का गुरु या उच्च का गुरु कुंडली के हजारों दोषों को नष्ट कर देता है | तो इसका मतलब यह हुआ कि कर्क के गुरु में जन्मे जातक सबसे सोभाग्यशाली होने चाहिए | गुरु एक राशि में १२ महीने रहता है व उच्च का गुरु कुछ डिग्री तक रहता है , अगर इस समय में करोड़ों जातकों का जन्म संसार में हो तो क्या वह सभी सोभाग्यशाली होंगे ?
यदि वह दुनिया के सबसे गरीब व कम विकसित राष्ट्रों में जन्म लेता है तो क्या यह संभव है | इसी प्रकार अगर किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली मैं उच्च का शुक्र हो व केनद्रस्थ हो तो क्या वह जीवनभर सुख व समृधि से परिपूर्ण होगा ? क्या वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जिसकी कुंडली में ग्रह उच्च के होते हैं ? यह संभव नहीं है |
एक और उदहारण कालसर्प दोष -- जिसकी वजह से आज कई लोग परेशान हैं व कई जातको की कुंडली मैं यह योग पाया जाता है | असल मैं यह दोष उतना हानि नहीं पहुंचाता है जितना की इस दोष का नाम ( काल सर्प  ) आजकल तो इस दोष के कई प्रकार भी हो गए हैं | एक बात तो सत्य है की किसी को डराओगे नहीं तो वह कुछ करेगा ही नहीं और सामान्यतः हर किसी के जीवन में परेशानियां व समस्याएं तो आती ही है परन्तु समय के साथ वह भी सुलझ जाती है, संयम व भगवान पर पूर्ण विश्वास जरूरी है | आजकल तो हर दोष का समाधान है हर पाप का उपचार है | क्या शान्ति करवाने से सभी ग्रह शांत हो जाते  तो हमारें यहाँ दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग होते क्योंकि वह तो
ग्रहों को शांत करने की कला जानते हैं जो विश्व में और कोई नहीं जानता | मैंने ज्योतिष शास्त्र के विषय में जो कुछ भी लिखा है वह मेरे अपने विचार है, किसी भी व्यक्ति या वर्ण के विषय मैं नहीं है |

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